हार्वर्ड डेटा साइंस इनिशिएटिव के डायरेक्टर और स्टडी के लेखक फ्रांसेस्का डोमिनिकी के मुताबिक, कई काउंटी में पीएम 2.5 का स्तर 1 क्यूबिक मीटर में 13 माइक्रोग्राम है। यह अमेरिकी औसत 8.4 से बहुत अधिक है। स्टडी के नतीजों से स्पष्ट होता है कि लंबी अवधि में प्रदूषण की मात्रा बढ़ना, कोरोना संबधी खतरे को भी बढ़ाएगा। उदाहरण के लिए कोई शख्स 15-20 साल तक ज्यादा प्रदूषण झेलता रहा है तो कम प्रदूषित जगह पर रहने वाले की तुलना में उसकी कोरोना से मौत की संभावना 15% ज्यादा रहेगी।
लंबी अवधि में प्रदूषण की मात्रा बढ़ना, कोरोना के खतरे को भी बढ़ाएगा